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Options Trading क्या है? कितना कमा सकते हैं इसके द्वारा एक दिन में?

क्या है options trading ?

मैं कोशिश करूंगा की Options Trading को बहुत सरल और non-technical भाषा में समझा पाऊं। Options Trading को समझने के लिए आपको ये समझ में आना चाहिए की पैसा कमाना अगर आसान होता तो हर किसी के पास आज पैसा होता। option Trading भी आपको तभी पैसा बना के दे सकती है जब आपको Stock  Market की जानकारी हो।

Options Trading का potential इतना है की आप सोच भी नहीं सकते। मैं अपना एक experience बताता हूँ। एक call option मैंने लिया था सुबह 10 बजे Friday को जिसका premium 5 रुपये था। मैंने sell order लगाया 25 रुपये पे और सो गया क्योंकि कोई खास दिन था नहीं तो मैंने ज्यादा सोचा भी नहीं। 70 का lot साइज था तो मैंने दो lot ले लिए जिनका प्रीमियम मैंने दिया 700 रुपये। मेरी आँख खुली 12 बजे के आस पास और मैंने ऐसे ही देखा की क्या चल रहा है मार्किट में। और जब मैंने देखा तो मुझे यकीन नहीं हुआ। जो sell order मैंने लगाया था 25 रुपये पे वो execute हो गया था और उस option की कीमत थी 251 रुपये और जिसका कारन था प्रधान मंत्री जी का कोई ऐलान जो मुझे सही से याद नहीं। वही option Monday को 500 रुपये से ऊपर पे था। ऐसा मेरे साथ 3 या 4 बार हुआ है। तो आप अंदाज़ा लगा सकते हैं की इसमें कितना potential है।

अब बात करते हैं की ये की options trading क्यों? क्यों लोग इतना ज़्यादा इसमें involve हैं? क्या potential है options trading का? क्यों अचानक से options trading चलन में आ गयी? क्योंकि Options Trading एक ऐसा टूल है जिससे आप कम पैसा इन्वेस्ट करके बहुत कम समय में अच्छा खासा पैसा बना सकते हैं। बहुत ही कम पैसों के साथ आप options trading के माध्यम से आप रोज़ कम से कम 5 से 10 हज़ार रुपये कमा सकते हो।

चलिए समझते हैं की क्या है Options Trading.

Options Trading  एक hedging based product  है। सरल भाषा में कहा जाए तो अगर मार्किट ऊपर जाता है आप तब भी पैसे कमा सकते है और यदि मार्किट नीचे जाता है तब भी आप पैसा कमा सकते हैं।

पहले हम समझते हैं की ये है क्या और कैसे काम करता है।

NSE की वेबसाइट के अनुसार:

“An option is a contract between two parties wherein the buyer receives a privilege for which he pays a fee (premium) and the seller accepts an obligation for which he receives a fee. The premium is the price negotiated and set when the option is bought or sold. A person who buys an option is said to be long in the option.”

“Option दो पक्षों के बीच एक अनुबंध है जिसमें खरीदार को एक विशेषाधिकार प्राप्त होता है जिसके लिए वह शुल्क (प्रीमियम) का भुगतान करता है और विक्रेता एक दायित्व स्वीकार करता है जिसके लिए उसे एक शुल्क प्राप्त होता है। प्रीमियम मोल-भाव किया जाता है और विकल्प खरीदने या बेचने पर सेट किया जाता है।”

इसको सरल भाषा में समझते हैं:

options एक ऐसा instrument  है जिसमें आपसे थोड़े से पैसे लेके आपको कुछ माल दे दिया जाता है जिसके आप मालिक हो जाते हैं प्रॉफिट के। loss उतना ही लिमिटेड होता है जितने आपने पैसे दिए हैं। option का बेसिक फंदा ये है की आपसे एक प्रीमियम लिया जाता है आपकी सेफ्टी के लिए। मान लेकिये की आपको लगता है की आज कोई स्टॉक ऊपर जाने वाला है और उस स्टॉक की कीमत 500 रुपये है, तो आपने वो स्टॉक लेने की जगह उसका call option ले लिया जिसके लिए 500 रुपये की जगह आपको बस प्रीमियम ही देना पड़ता है जो भी उसकी कीमत हो। अब अगर वो स्टॉक ऊपर जाता है तो उस स्टॉक पे जितना प्रॉफिट होगा आप उसके हिस्सेदार है और यदि स्टॉक पे प्रॉफिट नहीं होता है तो आपका loss  सिर्फ उतना ही है जितना आपने प्रीमियम दिया है। अब देखने वाली बात ये है की इतना आसान कैसे है। तो मैं आपको बताना चाहूंगा की अगर किसी स्टॉक या एक्सचेंज के option का प्रीमियम है 5 रुपये है तो आपको 5  रुपये नहीं बल्कि option का पूरा एक lot खरीदना होगा। lot साइज 70 से शुरू होता है और स्टॉक्स में lot साइज 70 से ज़्यादा का रहता है। अब अगर option का प्रीमियम 5 रुपये है और उसका lot साइज 70  है, तो आपको जो प्रीमियम देना है वो होगा 350 रुपये।

ये वैसे ही काम करता है जैसे insurance company काम करती है। insurance company कहती है की आपकी गाडी का 10 लाख का हम insurance करते हैं बस आप हमको 10 हज़ार रुपये हर साल दे दीजिये। अब अगर गाडी को कुछ होता है तो कंपनी आपको पूरे 10 लाख देगी। इसका मतलब ये हुआ की आपका loss सिर्फ उतना है जितना आपने प्रीमियम दिया लेकिन अगर गाडी को कुछ हुआ तो कंपनी का loss हुआ 10 लाख। कंपनी का ज़्यादा से ज़्यादा प्रॉफिट जो हो सकता है वो है केवल 10 हज़ार।

ठीक इसी तरह से option मार्किट भी काम करता है। जो option बेच रहा है वो ये कह रहा है की आप मुझे 70 के lot काप्रेमियम दे दो, अगर प्रॉफिट होता है तो वो आपका अगर लोस्स होता है तो वो सारा मेरा। अब सोचने वाली बात ये है की ऐसे कैसे क्यों कोई सारा loss अपने ऊपर लेगा। अब insurance कंपनी वाला केस देखिये, पालिसी लेने वाला केवल एक ही व्यक्ति नहीं होता ऐसे बहुत से लोग होते हैं, अब अगर 100 में से 2  या 3 लोगो का क्लेम आ भी गया तो वो उनको पैसे दे देते हैं लेकिन बाकि बचे 98 या 97  लोगो ने जो प्रीमियम दिया है वो कंपनी का प्रॉफिट हो जाता है। ठीक इस तरह option बेचने वाला ज़्यादा समझदार होता है option खरीदने वाले से। इस तरह के बहुत सारे lot वो बहुत सारे लोगो को बेच देता है जिनमे से कुछ को प्रॉफिट होता है तो उनको प्रॉफिट देके बाकी के लोगो को हुआ लोस्स वो खुद रख लेता है जो की उसके लिए प्रॉफिट होता है।

अब ये सारी बातें तो थी technical की options कैसे काम करता है लेकिन जब आप invest करते हो तो आपका मेन उद्देश्य होता है की मुझे प्रॉफिट हो। कैसे कामना है अब इसकी बात करते हैं। अब ज़ाहिर सी बात है की अगर option बार बार कहा जा रहा है तो option मिलता होगा पैसा कमाने का।

हमारे पास सामान्यतः option होते है:

Stock option : ये वह option है जब किसी कंपनी के Stock का option लेते हैं।

Index option : इस option में आप किसी Index यानि NIFTY या BANK  NIFTY  का option लेते हो।

अब हमारे पास जो ऑप्शन है वो हैं:

  1. Call ऑप्शन: अगर आपको लगता है की market ऊपर जाने वाला है तो आप call option लेते हैं।

  2. Put option : अगर आपको लगता है की market नीचे जाने वाला है तो आप put option लेते हैं।

कोई भी ऑप्शन आप लेते हैं तो ध्यान देने वाली बात ये हैं की हर option की expiry होती है। weekly और monthly। वीकली में option की expiry Thursday to Thursday होती है। यदि आपने कोई ऑप्शन लिया है और उसको बेचा नहीं है तो expiry वाले दिन उसकी कीमत लगभग zero के बराबर हो जाएगी।

अब आपको trend पता करना है की market का movement ऊपर की तरफ है या नीचे की तरफ अगर। अगर आप सही predict करते हैं तो आपका प्रॉफिट बहुत ही अच्छा होने वाला है।

options trading

अब बहुत ही खास बात। अगर आपने कोई Call option लिया और market में कोई movement नहीं हुआ जैसा सोचा था तब भी आपको loss होगा। यानि की जैसे जैसे option अपनी expiry की तरफ बढ़ता है, उसकी value कम होती जाती है।

कोई भी option खरीदते समय जो बहुत ज़्यादा ध्यान देने वाली बात है वो ये है की आप कब उसमें घुसते(entry) हैं और कब बहार(exit) निकलते हैं। अगर आपने option लिया है तो आपको पता होना चाहिए की कब आपको उसको बेच देना है नहीं तो टाइम के साथ साथ उसकी वैल्यू कम होती जानी है।

entry और exit से पहले जिस बात पे आपको ध्यान देना है वो है Strike Price। अब ये strike price क्या है? strike price वो फिक्स्ड price है जिसको आप प्रेडिक्ट करके option लेते हैं। मान लीजिये NIFTY50 9000 चल रहा है और आपको ऐसा लगता है की अभी NIFTY 9000 के ऊपर जायेगा। तो आपको Call Option लेना है जिसके लिए strike price हुआ 9000। तो strike Price वो Point हुआ जिसको centre लेके हम ये predict कर रहे है की इस Point से market ऊपर जायेगा या नीचे।

Options Trading बहुत ही अच्छा और सस्ता option है Trading करने के लिए उनके लिए जिनके पास ज़्यादा पूँजी नहीं है और इन्वेस्ट भी करना चाहते हैं। लगातार Market को watch करें, हर movement को देखें और समझे की मार्किट किस तरह से ऊपर या नीचे जाता है।

उम्मीद करता हूँ की कुछ न कुछ आपको समझ आया ही होगा। थोड़ी consistency और बुद्धिमानी के साथ आप भी औरों की तरह शेयर मार्किट से बहुत कम पैसा इन्वेस्ट करके अच्छा खासा पैसा बना सकते हैं।

NSE Options का चार्ट आप NSE की ऑफिशल वेबसाइट पे देख सकते हैं

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